युवाओं से कहा कि निशानेबाजी में सिर्फ निशाना लगाना ही नहीं, बल्कि मानसिक एकाग्रता सबसे जरूरी है। रोजाना मेडिटेशन और फिटनेस पर ध्यान दें। जबलपुर के बच्चों में वह दम है जो उन्हें ओलिंपिक तक ले जा सकता है, जरूरत है तो बस एक सही दिशा और मंच की।