चौंकाने वाली बात यह है कि अब तक गिरोह का एक भी आरोपित और साइबर ठगी की रकम की हेराफेरी करने वाले म्यूल खाता धारक या बिचौलिये पुलिस की गिरफ्त में नहीं आ सका है।