पंजाब में निहंग जसदीप की दूसरे निहंग के साथ अश्लील फोटो वायरल करने वाले चर्चित निहंग विक्की थॉमस ने माफी मांगी है। विक्की ने महाराष्ट्र से पंजाब आकर निहंग संगठन बुड्ढा दल के सामने पेश होकर गलती स्वीकार की। विक्की ने भरोसा दिया कि आगे से उनके पास किसी की कोई विवादित सामग्री आती है तो वह उसे सीधे सोशल मीडिया पर पोस्ट नहीं करेंगे, बल्कि पहले पंथ के वरिष्ठ सिंहों के सामने रखेंगे। बुड्ढा दल ने उनकी माफी स्वीकार करते हुए धार्मिक सजा सुनाई। विक्की थॉमस को अब बर्तनों की सफाई, घोड़ों को पानी पिलाने और लीद उठानी होगी। वहीं बुड्ढा दल ने ये भी साफ कर दिया कि जसदीप सिंह पर पहले लिया गया फैसला बरकरार रहेगा। उन्हें अगले आदेश तक निहंग बाणा पहनने, दस्तार सजाने और पंथ की अगुवाई की अनुमति नहीं होगी। 4 पॉइंट में जानिए, विक्की थॉमस माफी मांगने क्यों आए पूरे विवाद की कहानी... फोटो से माफी तक निहंग जसदीप पर कैसे हुई कार्रवाई… पहली कार्रवाई में बाणा, दस्तार और अगुवाई पर रोक: विवाद सामने आने के बाद बुड्ढा दल ने जसदीप सिंह के खिलाफ पंथक कार्रवाई की। उन्हें अगले आदेश तक निहंग बाणा पहनने, दस्तार सजाने और पंथ की अगुवाई करने से रोक दिया गया। साथ ही पंथ में रहकर सेवा करने के निर्देश दिए गए। बीच में सजा छोड़ने का दावा, माफी नहीं मिली: बुड्ढा दल के दोआबा जोन के जत्थेदार मान सिंह ने दावा किया कि पहली बार सुनाई गई सजा के दौरान जसदीप सिंह बीच में ही वहां से चले गए थे। इसलिए उन्हें किसी प्रकार की माफी नहीं दी गई। हालांकि बाद में जसदीप ने एक इंटरव्यू और पॉडकास्ट में दावा किया कि उन्हें बुड्ढा दल ने माफ कर दिया है। पॉडकास्ट के बाद दूसरी बार धार्मिक दंडबुड्ढा दल ने इसके बाद दूसरा वीडियो जारी किया। इसमें जसदीप सिंह को संगल (जंजीरों) से बांधकर धार्मिक दंड दिया गया। निहंगों ने उन्हें डंडों से मारा और हर प्रहार के साथ "वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतेह" का जयकारा लगवाया। वीडियो में जसदीप दर्द से "हाय बाबा जी" कहते हुए भी सुनाई दिए। मान सिंह ने कहा कि जसदीप को पहले माफी नहीं दी गई थी, बल्कि पंथ में रहकर सेवा करने के लिए कहा गया था। इसके बावजूद उन्होंने पॉडकास्ट में खुद को माफ किए जाने का दावा किया। एक निहंग ने कहा कि कथित कुकर्म और पॉडकास्ट, दोनों की वजह से उन्हें दोबारा धार्मिक दंड दिया गया। जसदीप बोले- अब पंथ का हर आदेश मानूंगाधार्मिक दंड के दौरान जसदीप सिंह ने अपनी गलती स्वीकार की। उन्होंने कहा कि अब वह सजा बीच में छोड़कर नहीं जाएंगे। अगर भविष्य में वह पंथ के आदेशों का पालन नहीं करते हैं तो उसके लिए पंथ जिम्मेदार नहीं होगा। वह बड़े बाबा के हर आदेश का पालन करेंगे और जैसा निर्देश मिलेगा, वैसा ही करेंगे।