इस नई नीति के तहत प्रदेश के प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में करीब 8 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद 30 प्रतिशत 'मैनेजमेंट कोटा' फिर से शुरू किया जाएगा। भविष्य में इसे बढ़ाकर 35 प्रतिशत तक करने का विकल्प भी खुला रखा गया है।