पूरे शहर में सड़कें खोेदी पड़ी हैं। सड़क के बीच गड्ढे हैं या गड्ढों के बीच सड़क बनाई गई है, समझना मुश्किल है। निगम के विभागों के बीच समन्वय नहीं है। पैचवर्क होने के कुछ दिन बाद ही दूसरा विभाग सड़क खोद देता है। कभी ड्रेनेज के नाम पर तो कभी पानी की लाइन बिछाने के नाम पर सड़क को खोदा जाता है। आखिर यह कब तक चलेगा।