जरूरत की खबर- ओरल हेल्थ के लिए फायदेमंद लौंग:डॉक्टर से जानें 10 हेल्थ बेनिफिट्स, किन कंडीशंस में न खाएं, ज्यादा खाने के नुकसान

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दांतों में दर्द, मसूड़ों से खून आना, मुंह से बदबू आना या बार-बार होने वाला इंफेक्शन, ये ऐसी समस्याएं हैं, जिनसे बड़ी संख्या में लोग परेशान रहते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी रसोई में मौजूद एक छोटा-सा मसाला इन परेशानियों से बचाव में मदद कर सकता है? हम बात कर रहे हैं लौंग की। 'जर्नल ऑफ इंटरनेशनल सोसाइटी ऑफ प्रिवेंटिव एंड कम्युनिटी डेंटिस्ट्री' के मुताबिक, करीब 95% वयस्क किसी-न-किसी ओरल हेल्थ समस्या से जूझते हैं। वहीं, हाल की कुछ स्टडीज बताती हैं कि लौंग में मौजूद बायोएक्टिव कंपाउंड्स मसूड़ों की सूजन कम करने और दांतों पर जमे प्लाक को घटाने में मदद कर सकते हैं। इसलिए 'जरूरत की खबर' में आज बात करेंगे लौंग के ओरल हेल्थ बेनिफिट्स की। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट: डॉ. अनु अग्रवाल, सीनियर क्लीनिकल डाइटीशियन, फाउंडर- ‘वनडाइटटुडे’ सवाल- लौंग में कौन-से एक्टिव कंपाउंड्स होते हैं? जवाब- लौंग में कई एक्टिव कंपाउंड्स होते हैं, जो इसे सेहत के लिए फायदेमंद बनाते हैं। जैसे- सवाल- जब हम लौंग चबाते हैं तो शरीर में क्या होता है? जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- रोज लौंग खाने से क्या फायदे होते हैं? जवाब- डेली सीमित मात्रा में लौंग खाने से इसमें मौजूद यूजेनॉल और दूसरे एक्टिव कंपाउंड्स शरीर को कई तरह से फायदा पहुंचाते हैं। सभी फायदे ग्राफिक में देखिए- सवाल- किन हेल्थ कंडीशंस में लौंग सबसे ज्यादा फायदेमंद है? जवाब- लौंग कुछ सामान्य हेल्थ प्रॉब्लम्स में राहत पहुंचाती है, जैसेकि- ध्यान रखें- इन स्थितियों में लौंग से कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन यह किसी बीमारी का इलाज नहीं है। लगातार परेशानी होने पर डॉक्टर से सलाह लें। सवाल- क्या लौंग खाने से मेमोरी बढ़ती है? जवाब- नहीं, ये कहना सही नहीं होगा। हालांकि इसमें मौजूद यूजेनॉल और दूसरे एंटीऑक्सिडेंट कंपाउंड्स ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस और सूजन को कम करने में मदद करते हैं। ये दोनों चीजें ब्रेन को हेल्दी रखने में मदद करती हैं। सवाल- लौंग कब खाना चाहिए? जवाब- डॉ. अनु अग्रवाल बताती हैं कि इसका कोई तय समय नहीं है। जरूरत और उद्देश्य के अनुसार इसे सीमित मात्रा में कभी-भी खा सकते हैं। लेकिन इन बातों का ध्यान रखें- पाचन के लिए गले की खराश के लिए सवाल- लौंग का पानी ज्यादा फायदेमंद है या साबुत लौंग चबाना? जवाब- आमतौर पर साबुत लौंग चबाना इसका पानी पीने से ज्यादा फायदेमंद माना जाता है। सवाल- एक दिन में कितनी लौंग खाना सेफ है? जवाब- डॉ. अनु अग्रवाल बताती हैं कि प्रतिदिन 1-2 साबुत लौंग खाना सेफ है। इससे ज्यादा खाना नुकसानदायक हो सकता है। सवाल- किन लोगों को लौंग खाते हुए सावधानी बरतनी चाहिए? जवाब- एक स्वस्थ वयस्क के लिए सीमित मात्रा में लौंग सेफ मानी जाती है। लेकिन कुछ लोगों को इसे खाने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। ग्राफिक में देखिए- सवाल- क्या लौंग किसी दवा के असर को प्रभावित कर सकती है? जवाब- हां, ज्यादा मात्रा में लौंग या लौंग का तेल कुछ दवाओं के असर को प्रभावित कर सकता है, जैसेकि- सवाल- क्या ज्यादा लौंग खाने से नुकसान हो सकता है? जवाब- हां, जरूरत से ज्यादा लौंग खाने पर इसके कुछ साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं। ग्राफिक में सभी साइड इफेक्ट्स देखिए- लौंग से जुड़े कुछ कॉमन सवाल-जवाब सवाल- क्या गले की खराश में लौंग चबाना फायदेमंद है? जवाब- हां, हल्की खराश में लौंग चबाने से कुछ राहत मिल सकती है। इसमें मौजूद यूजेनॉल हल्का सुन्नपन पैदा करता है, जिससे दर्द कम महसूस हो सकता है। इसके एंटीबैक्टीरियल गुण कुछ बैक्टीरिया से लड़ने में भी मदद कर सकते हैं। सवाल- क्या लौंग चबाने से दांतों पर दाग पड़ते हैं? जवाब- नहीं, लौंग से दांताें पर दाग नहीं पड़ते, बल्कि इससे ओरल हेल्थ को फायदा होता है। सवाल- लौंग चबाने के बाद उसे निगलना चाहिए या फेंक देना चाहिए? जवाब- अगर लौंग अच्छी तरह चबाने के बाद मुलायम हो गई है, तो उसे निगल सकते हैं। अगर स्वाद पसंद न आए, तो थूक सकते हैं। लौंग के ज्यादातर एक्टिव कंपाउंड्स चबाने के दौरान ही निकल जाते हैं। सवाल- क्या रात में लौंग का पानी पीना फायदेमंद है? जवाब- हां, इससे पाचन को सपोर्ट मिल सकता है और सुबह पेट फूलने की समस्या कुछ हद तक कम हो सकती है। इसके एंटीबैक्टीरियल गुण मुंह साफ रखते हैं, जिससे सुबह सांसों की स्मेल कम हो सकती है। …………………. जरूरत की ये खबर भी पढ़िए जरूरत की खबर- क्या ACV सचमुच वजन घटाता है: डॉक्टर से जानें इसके फायदे, सीमाएं, लेने का सही तरीका और साइड इफेक्ट्स कुछ लोग दावा करते हैं कि रोज ACV पीने से फैट तेजी से कम होता है, पेट की चर्बी घटती है और मेटाबॉलिज्म तेज होता है। इसलिए वेट लॉस की कोशिश कर रहे लोग इसे अपनी डाइट में शामिल कर रहे हैं। लेकिन किसी भी ट्रेंड को अपनाने से पहले उसके पीछे मौजूद साइंटिफिक फैक्ट्स जानना जरूरी है। पूरी खबर पढ़िए…