सुप्रीम कोर्ट बोला- छात्रों का प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण था:लोकतंत्र में आंदोलन होते रहेंगे; जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग करने वालों पर कार्रवाई होगी

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सुप्रीम कोर्ट में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई जारी है। कोर्ट ने कहा कि छात्रों का प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण था, जो संवैधानिक दायरे में अपनी मांग उठा रहे थे। लोकतंत्र में आंदोलन होते रहेंगे, इसलिए ऐसे मामलों में पुलिस कार्रवाई के स्पष्ट मानक तय होने चाहिए। कोर्ट ने यह भी कहा कि जिसने भी जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया है, उसके खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई होगी। चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच मामले की सुनवाई कर रही है। याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ वकील गोपाल शंकरनारायणन ने कहा कि मामला सिर्फ दिल्ली का नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश, नागपुर, बिहार समेत कई राज्यों में छात्रों के प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई से जुड़ा है। सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत ने कहा कि याचिकाओं में पेलेट गन, इलेक्ट्रिक बैटन, लाठीचार्ज, आंसू गैस और महिलाओं व पत्रकारों के साथ कथित मारपीट जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाएगी। CJI ने कहा, "अगर जिम्मेदारी तय नहीं होगी, तो जांच का कोई मतलब नहीं रह जाएगा।" वहीं, याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ वकीलों ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर कार्रवाई के दौरान पुलिस ने तय प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया। उन्होंने सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों द्वारा हिंसा, इलेक्ट्रिक शॉक वाले हथियारों के इस्तेमाल, महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार और वरिष्ठ अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग भी उठाई। 20 जुलाई के संसद मार्च की 2 तस्वीरें… प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई मामले पर सुनवाई से जुड़ी अपडेट्स के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…