अब ‘अ’ से अनार नहीं, अपनी बोली से होगी पढ़ाई की शुरुआत, जशपुर के 202 स्कूलों में सादरी भाषा में पढ़ेंगे बच्चे

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राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत छत्तीसगढ़ में मातृभाषा आधारित शिक्षा की शुरुआत जशपुर जिले से हो गई है। इसके तहत 202 प्राथमिक विद्यालयों में कक्षा पहली और दूसरी के बच्चों को सादरी भाषा के माध्यम से पढ़ाया जाएगा।