शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का लंबा सियासी सफ़र अस्सी के दशक में छात्र राजनीति से ही शुरू हुआ था. 1997 में प्रश्नपत्र लीक के विरुद्ध प्रदर्शन करते हुए उन्होंने पुलिस की लाठी खाई थीं.