समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, जिससे बड़ा नुकसान टल गया। गौरतलब है कि इस एआरटी सेंटर में प्रतिदिन प्रदेश के विभिन्न जिलों से 150 से अधिक एचआईवी मरीज उपचार और दवा लेने पहुंचते हैं।