अंग्रेजों के खिलाफ नरसिंहगढ़ से भी चिंगारी उठी थी। यहां के कुंवर चैनसिंह के सामने अंग्रेजी हुकुमत ने तीन शर्तें रखीं, लेकिन राजवंशीय परंपरा को मानने वाले चैनसिंह ने शर्तों को मानने से इंकार कर दिया।