सर्पदंश मुआवजा घोटाले में अब तक जो गिरफ्तारियां हुई हैं, वे सिर्फ मोहरे थे। मास्टरमाइंडों तक अभी तक जांच की आंच नहीं पहुंची है। सिम्स के कई डॉक्टर और कर्मचारी भी इस नेटवर्क का हिस्सा हैं।