सरकार का शायद ये अंदाज़ा था कि यह आंदोलन ख़ुद से ही ख़त्म हो जाएगा. लेकिन सोमवार को जो कुछ भी हुआ, उससे यही लग रहा है कि यह विरोध महज सीजेपी का नहीं है बल्कि वैसे लोग भी बड़ी संख्या में शामिल हुए हैं, जिन्हें सरकार से नाराज़गी थी.