लद्दाख के मुद्दों और छात्रों के समर्थन में पिछले 25 दिनों से अनशन कर रहे सोनम वांगचुक को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मंगलवार शाम करीब साढ़े 7 बजे दिल्ली पुलिस की टीमें उन्हें सफदरजंग अस्पताल से यहां लेकर पहुंचीं। मेदांता सूत्रों के मुताबिक, सफदरजंग अस्पताल से वांगचुक की मेडिकल हिस्ट्री मिलने के बाद मेदांता के डॉक्टरों की टीम ने उनका इलाज शुरू किया। फिलहाल उन्हें ड्रिप के जरिए लिक्विड डाइट दी जा रही है। उनकी हालत स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं। हालांकि, अस्पताल की ओर से अभी तक वांगचुक का कोई हेल्थ बुलेटिन जारी नहीं किया गया। अस्पताल में थ्री लेयर सुरक्षा व्यवस्था की गई है। यहां हरियाणा और दिल्ली पुलिस के जवान तैनात हैं। मरीजों और उनके तीमारदारों को भी चेकिंग के बाद ही अस्पताल में प्रवेश दिया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, सरकार ने वांगचुक से बातचीत की पहल की है। मंगलवार रात केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह अस्पताल पहुंचे। उन्होंने ICU-8 में भर्ती वांगचुक से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। अब जानिए थ्री लेयर सिक्योरिटी में क्या… गुरुग्राम में कांग्रेस नेताओं को किया हाउस अरेस्ट सोनम वांगचुक के गुरुग्राम शिफ्ट होने का असर स्थानीय राजनीति पर भी दिखने लगा है। वांगचुक के समर्थन में कांग्रेस नेताओं के प्रदर्शन या उनसे मुलाकात की आशंका को देखते हुए पुलिस ने देर रात बड़ी कार्रवाई की। कांग्रेस के शहरी जिलाध्यक्ष पंकज डावर समेत 10 से अधिक वरिष्ठ नेताओं को उनके घरों में ही नजरबंद (हाउस अरेस्ट) कर दिया गया। पुलिस ने इन सभी नेताओं को लिखित नोटिस जारी कर कानून-व्यवस्था बनाए रखने और मेदांता हॉस्पिटल की ओर मार्च या प्रदर्शन नहीं करने की सख्त हिदायत दी है। कांग्रेस के जिला अध्यक्ष पंकज डावर ने कहा, "आज पूरे देश में तानाशाही का माहौल है। जंतर-मंतर पर लाखों की संख्या में युवा शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने पहुंचे थे, लेकिन सरकार ने तानाशाही रवैया अपनाते हुए उन पर लाठीचार्ज कराया। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ मोर्चा खोला है। सरकार छात्रों की आवाज से डर रही है, इसलिए पुलिस का सहारा लेकर उन्हें दबाने की कोशिश कर रही है।"