कोर्ट ने कहा कि अगली तारीख पर पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट करना होगा कि गुमशुदा व्यक्तियों का डाटा आखिर नष्ट कैसे हो गया। यदि डाटा नष्ट नहीं हुआ है, तो उसे अदालत के समक्ष उपलब्ध क्यों नहीं कराया जा रहा।