जगन्नाथ रथ यात्रा की 'अधर पना' रस्म में भगवान के होंठों के बराबर रखे शरबत के घड़ों को पूजा के बाद तोड़कर बहा दिया जाता है। यह महाप्रसाद केवल पारलौकिक शक्तियों और आत्माओं के लिए होता है।