एक तरफ सोनांचल की नदियां औद्योगिक प्रदूषण और अवैध खनन के कारण अपना अस्तित्व खो रही हैं, तो दूसरी तरफ प्रशासन उन्हें बचाने के बजाय अब गंगा की तर्ज पर उनकी 'आरती' उतारने की तैयारी कर रहा है।