जरूरत की खबर- अकेलापन रोज 15 सिगरेट पीने के बराबर:बढ़ता हार्ट डिजीज, डिप्रेशन, कैंसर का रिस्क, डॉक्टर से समझें लोनलीनेस का साइंस

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इस डिजिटल एज में लोगों के पास एक-दूसरे से जुड़ने के कई साधन हैं। फोन कॉल, मैसेज, वीडियो कॉल और सोशल मीडिया के जरिए हम कभी भी किसी से भी संपर्क कर सकते हैं। इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग अकेलेपन का शिकार हैं। अकेलापन वह अनुभव है, जब व्यक्ति को लगता है कि उसे सुनने, समझने या इमोशनली सपोर्ट करने वाला कोई नहीं है। साल 2017 में ‘नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन’ में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, अकेलापन रोज 15 सिगरेट पीने जितना नुकसानदायक है। इसका शरीर पर बुरा असर पड़ता है। यही वजह है कि वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन ने अकेलेपन को पब्लिक हेल्थ इश्यू माना है। इसलिए ‘जरूरत की खबर’ में आज अकेलेपन की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट: डॉ. जया सुकुल, क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट, नोएडा सवाल- अकेलापन क्या है? जवाब- यह एक मानसिक अवस्था है। इसमें व्यक्ति को लगता है कि उसकी भावनाओं, विचारों और अनुभवों को समझने, शेयर करने या स्वीकार करने वाला कोई नहीं है। साइकोलॉजी के मुताबिक, अकेलेपन में व्यक्ति- सवाल- अकेलेपन और अकेले रहने में क्या फर्क है? जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए- अकेले रहना अकेलापन यह एक इमोशनल स्टेट है, जिसमें व्यक्ति दूसरों के बीच रहते हुए भी खुद को अनसुना या डिसकनेक्टेड महसूस करता है। सवाल- क्या कोई व्यक्ति परिवार और दोस्तों के बीच रहकर भी अकेलापन महसूस कर सकता है? जवाब- हां, बिल्कुल। यह इमोशनल कनेक्शन की क्वालिटी से तय होता है। इसे उदाहरण से समझिए- किसी व्यक्ति के पास बहुत सारे दोस्त हो सकते हैं, लेकिन इसके बावजूद अगर उसे यह महसूस हो कि उनमें से कोई उसके सबसे आंतरिक कोनों और भावनाओं को नहीं समझता, तो वह भीतर से अकेला महसूस कर सकता है। सवाल- डॉक्टर्स अकेलेपन को ‘स्मोकिंग जितना खतरनाक’ क्यों कहते हैं? जवाब- जब कोई व्यक्ति लंबे समय तक अकेलापन महसूस करता है, तो ब्रेन इसे सोशल इनसिक्योरिटी या खतरा समझता है। इससे बॉडी का 'फाइट-एंड-फ्लाइट' रिस्पॉन्स बार-बार एक्टिव होता है। इसके कारण स्ट्रेस लेवल बढ़ जाता है, जिससे- सवाल- अकेलापन शरीर को कैसे नुकसान पहुंचाता है? जवाब- पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- अकेलेपन का मेंटल हेल्थ पर क्या असर पड़ता है? जवाब- लंबे समय तक अकेलेपन से इमोशनल बैलेंस और सोचने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। अकेलेपन का मेंटल हेल्थ पर और क्या असर होता है, ग्राफिक में देखिए- सवाल- अकेलेपन का स्क्रीन टाइम से क्या कनेक्शन है? जवाब- लंबे समय तक अकेला रहने से व्यक्ति मोबाइल, लैपटॉप और टीवी पर डिपेंड हो जाता है। इससे उसका स्क्रीन टाइम बढ़ जाता है। सवाल- कितना स्क्रीन टाइम अकेलेपन के रिस्क को बढ़ा सकता है? जवाब- इसका कोई निश्चित आंकड़ा नहीं है। हालांकि एक्सपर्ट्स मानते हैं कि डेली 2 घंटे से ज्यादा स्क्रीन टाइम कुछ लोगों में अकेलापन बढ़ा सकता है। सवाल- क्या शादीशुदा लोग भी अकेलेपन का शिकार हो सकते हैं? जवाब- हां, ऐसा तब होता है, जब- सवाल- अकेलेपन के शुरुआती संकेत क्या हैं? जवाब- इसके शुरुआती संकेतों को समय रहते पहचानकर गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है। ग्राफिक में अकेलेपन के सभी संकेत देखिए- सवाल- कब अकेलापन मेंटल डिजीज का रूप लेने लगता है? जवाब- अकेलापन अपने आप में कोई मानसिक बीमारी नहीं है। लेकिन जब यह लंबे समय तक बना रहे और इसके साथ लगातार- तो यह डिप्रेशन या एंग्जाइटी जैसी मेंटल हेल्थ प्रॉब्लम्स का कारण बन सकता है। सवाल- कब एक्सपर्ट की मदद लेनी चाहिए? जवाब- कुछ कंडीशन्स में मदद की जरूरत होती है। जैसे- सवाल- कैसे पहचानें कि यह सामान्य अकेलापन नहीं, बल्कि गंभीर समस्या है? जवाब- हर व्यक्ति कभी-न-कभी अकेलापन महसूस करता है। यह जीवन का सामान्य हिस्सा है। लेकिन कुछ संकेत इसकी गंभीरता की ओर इशारा करते हैं- सवाल- क्या अकेलेपन से पूरी तरह बाहर निकला जा सकता है? इसके लिए सबसे प्रभावी कदम क्या हैं? जवाब- हां, इसके लिए- सवाल- सोशल कनेक्शन मजबूत करने के आसान तरीके क्या हैं? जवाब- लोगों को यह महसूस कराना कि आप उन्हें याद रखते हैं और उनकी बातों में इंटरेस्ट रखते हैं। यही मजबूत सोशल कनेक्शन की सबसे बड़ी कुंजी है। ग्राफिक में सभी टिप्स देखिए- अकेलापन सिर्फ एक भावना नहीं, बल्कि एक हेल्थ रिस्क है। अच्छी सेहत के लिए मजबूत सोशल कनेक्शन उतने ही जरूरी हैं, जितना अच्छा खाना, एक्सरसाइज और पर्याप्त नींद। …………………. ये खबर भी पढ़ें… जरूरत की खबर- किशोरों को लग रही ई-सिगरेट की लत:लगातार एक साल पिया तो बढ़ेंगे ये 10 हेल्थ रिस्क, डॉक्टर से जानें लत से कैसे उबरें विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की एक हालिया रिपोर्ट बताती है कि पूरी दुनिया में ई-सिगरेट पीने (vaping) का ट्रेंड खतरनाक रूप से बढ़ रहा है। दुनिया भर में 13 से 15 साल की उम्र के करीब 1.5 करोड़ बच्चे ई-सिगरेट का इस्तेमाल कर रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें…