2008 के बाद की शादी का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया गया है। 23 सितंबर 2008 के बाद हुई सभी अपंजीकृत शादियों का एक वर्ष के भीतर पंजीयन कराना होगा, अन्यथा 25 हजार रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है।