नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद मीडिया से कहा- प्रधान को तो जाना ही था। अच्छा है चला गया। वो भ्रष्टाचार का सिंबल है। उसने देश के एजुकेशन सिस्टम खोखला कर दिया। मेरी तरफ से छात्रों को जो सपोर्ट चाहिए हम तैयार हैं। हम छात्रों और उनके भविष्य को बचाने के लिए खड़े हैं। राहुल ने कहा- “हमारा शिक्षा सिस्टम, जिसे कभी दुनिया भर में अच्छा माना जाता था, उस पर हमले हो रहे हैं, उस पर कब्जा किया जा रहा है। उसका निजीकरण किया जा रहा है। इसमें जितनी गलती पीएम की है। उतनी ही RSS की है।” राहुल ने कहा- छात्रों पर हुई हिंसा के लिए अमित शाह सीधे जिम्मेदार हैं। छात्रों पर चलाई गई पैलेट गन के लिए जिम्मेदार हैं। हम यह नहीं स्वीकार कर सकते कि पुलिस छात्रों पर इस तरह का एक्शन ले। दिन में कहा था- प्रधान का मंत्रालय बदले ये भी मंजूर नहीं इससे पहले दिन में भी पेपर लीक मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। उन्होंने कहा था, ‘शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटना ही होगा। सरकार सोच रही है उनका मंत्रालय बदल दिया जाए, लेकिन यह मंजूर नहीं।’ राहुल गांधी ने कहा, ‘नरेंद्र मोदी को युवाओं से माफी मांगनी ही होगी। वे भारत के अतीत हैं और अतीत कभी भविष्य से लड़ नहीं सकता।’ उनके साथ लेफ्ट संगठन AISA की छात्राएं भी थीं। तीनों ने जंतर-मंतर पर 23 दिन की भूख हड़ताल की थी। इससे पहले राहुल ने शुक्रवार को भी प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। इसमें 20 जुलाई के छात्र प्रदर्शन में घायल एक युवक को साथ लेकर आए थे। राहुल ने फिर 3 मांगें दोहराईं, कहा- इनसे कोई समझौता नहीं राहुल ने कहा कि छात्रों की 3 मांगें हैं। इन तीनों से कोई समझौता नहीं होगा। राहुल ने पास खड़े छात्रों से कहा कि उन्हें उन पर गर्व है। ये छात्र डरने वाले नहीं हैं और वे देश के भविष्य का प्रतिनिधित्व करते हैं। 24 जुलाई: राहुल ने कहा था- प्रधान क्रिमिनल शिक्षा मंत्री राहुल ने कहा, ‘धर्मेंद्र प्रधान एक अपराधी शिक्षा मंत्री हैं। वे हमारे एजुकेशन सिस्टम के ध्वस्त होने का प्रतीक हैं। उन्हें जाना ही होगा। उन्हीं की वजह से हजारों लोग सड़कों पर हैं।’ उन्होंने छात्र के हाथ, पीठ और छाती में लगे घाव को दिखाया। राहुल ने कहा, ‘मैं यह बताना चाहता हूं कि यहां खड़ा मेरा भाई उस समय पैलेट गन से घायल हो गया था, जब वह तिरंगा लेकर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध-प्रदर्शन कर रहा था।’ 20 जुलाई को नीट पेपर लीक के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी ने संसद मार्च निकाला था। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों की झड़प में 100 से ज्यादा छात्र और पुलिसकर्मी घायल हुए थे। साहिल इनमें से एक है। राहुल ने घायल छात्र की चोट दिखाईं थी; 2 तस्वीरें साहिल की रोशनी लौटने की सिर्फ 1% संभावना राहुल ने जिस छात्र की चोट दिखाई। उसका नाम साहिल लोचाब है। वह 19 साल का है और दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के नजफगढ़ का रहने वाला है। 20 जुलाई को जंतर मंतर पर प्रोटेस्ट के दौरान पुलिस की पैलेट गन से इनकी दाहिनी आंख की रोशनी चली गई थी। AIIMS के जयप्रकाश नारायण एपेक्स ट्रॉमा सेंटर में सर्जरी हुई है। परिवार के मुताबिक, डॉक्टरों ने बताया है कि घायल आंख की रोशनी लौटने की सिर्फ 1% संभावना है, क्योंकि आंख की पुतली को गंभीर नुकसान पहुंचा है। साहिल दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (SOL) के छात्र हैं। उनकी मां ज्योति ने बताया, ‘वह पहले भी CJP के प्रदर्शन में गया था। सोमवार को भी यह कहकर गया कि यह उसके लिए जरूरी है और उसकी पढ़ाई से जुड़ा मुद्दा है। वह हमेशा पुलिस अधिकारी बनना चाहता था।’ ग्राफिक्स से समझिए पैलेट गन क्या है