एक साल तक पुलिस केस डायरी दबा कर बैठी रही। पिछले महीने पीड़ितों ने न्यायिक मजिस्ट्रेट रवि कुमार की कोर्ट में परिवार दायर कर धारा बढ़ाने की मांग की। घायलों ने मेडिकल रिपोर्ट और गवाह भी प्रस्तुत किए।