सुबह से ही बड़ी संख्या में छात्र धरने पर बैठकर परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे थे। दोपहर में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर सामने आने के बाद धरनास्थल का माहौल पूरी तरह बदल गया।