सिंधिया राजघराने के संपत्ति विवाद में 1948 का ऐतिहासिक कोवेनेंट दस्तावेज अहम बन गया है। 28 जुलाई की सुनवाई में इसी आधार पर निजी और सरकारी संपत्तियों का निर्धारण होगा।