घटना ऐसे समय हुई है, जब महज तीन दिन बाद श्रावण मास की शुरुआत होने जा रही है और मंदिर में प्रतिदिन लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में मंदिर के सुरक्षाकर्मी पर हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है।