जंतर-मंतर पर हुए लाठीचार्ज में एक छात्रा की मौत होने का दावा झूठा है

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दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहा कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद, 25 जुलाई 2026 को खत्म हो चुका है. प्रदर्शन खत्म होने के साथ साथ सोशल मीडिया पर फेक न्यूज और भ्रामक दावे शेयर होने का सिलसिला खत्म नहीं हुआ है. दावा: सोशल मीडिया पर एक लड़की की तस्वीर शेयर कर दावा किया जा रहा है कि इस लड़की की 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए लाठीचार्ज में मौत हो गई है. इस पोस्ट का अर्काइव यहां देखें( ऐसे ही दावा करने वाले अन्य पोस्ट के अर्काइव आप यहां और यहां देख सकते हैं. )क्या यह दावा सही है ? नहीं, यह दावा सही है.वायरल पोस्ट असली नहीं है बल्कि AI की मदद से बनाई गई है. कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शनकारियों पर हुए लाठीचार्ज में किसी भी व्यक्ति की मौत होने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है. हमने सच का पता कैसे लगाया ? हमने इस खबर से सम्बंधित कीवर्ड्स (जंतर-मंतर, प्रदर्शनकारी की मौत ) इंटरनेट पर सर्च किए. हमारी सर्च में हमें ऐसी कोई विश्वसनीय न्यूज रिपोर्ट नहीं मिली जिसमें इस वायरल घटना या दिल्ली में किसी अन्य प्रदर्शनकारी की मौत हो जाने की पुष्टि की गई हो.हमारी सर्च में हमें सरकारी न्यूज वेबसाइट आकाशवाणी की यह न्यूज रिपोर्ट मिली जिसमें लिखा था कि, "दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पर चल रही उन खबरों को गलत बताया है जिनमें दावा किया गया था कि नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान एक महिला की मौत हो गई. पुलिस ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए साफ किया कि यह जानकारी झूठी और गुमराह करने वाली है."इस रिपोर्ट को यहां पढ़ा जा सकता है. यहां से अंदाजा लेकर हमने दिल्ली पुलिस के सोशल मीडिया एकाउंट्स चेक किए. हमारी सर्च में हमें दिल्ली पुलिस के X (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर यह पोस्ट मिली जिसमें इन वायरल दावों का खंडन किया गया था. Delhi Police urges all citizens to exercise caution while consuming & sharing information on social media. Responsible digital behaviour begins with verifying facts through official channels before forwarding any content.@LtGovDelhi#DPUpdates pic.twitter.com/NIMrW3FWB2— Delhi Police (@DelhiPolice) July 23, 2026 इसके सिवा हमारी सर्च में हमें PIB (प्रेस सूचना ब्यूरो) की यह सोशल मीडिया पोस्ट मिली जिसमें वायरल तस्वीर शामिल थी और इसके साथ ही इस दावे को फर्जी बताया गया था. सोशल मीडिया पर कई यूजर्स द्वारा पोस्ट साझा कर यह दावा किया जा रहा है कि दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के दौरान एक महिला की मृत्यु हो गई है।#PIBFactCheck:❌ यह दावा फर्ज़ी है।✅ विरोध प्रदर्शन से जुड़ी एक घटना में गंभीर रूप से घायल 21 वर्षीय महिला का उपचार जारी है। उसकी… pic.twitter.com/f5GCBaGPfU— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) July 23, 2026 यहां से अंदाजा लेकर हमने इस तस्वीर के AI से बने कंटेंट की पहचान करने वाले टूल Deepfake-O-Meter पर चेक किया. जहां एक टूल ने इस तस्वीर के AI से बने होने की 73 प्रतिशत संभावना जताई तो वहीं एक अन्य टूल के इस तस्वीर के AI से बने होने की 98 प्रतिशत संभावना जताई.इस तस्वीर के AI से बने होने की प्रबल संभावना जताई गई है. घायल छात्रा के बारे में: 20 जुलाई को हुए लाठीचार्ज में साक्षी नाम की एक लड़की के घायल होने की खबर थी. Hindustan Times में छपी इस रिपोर्ट के मुताबिक, "जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान घायल हुईं और राम मनोहर लोहिया अस्पताल के ICU में भर्ती 21 साल की साक्षी की हालत में काफि सुधार है. अस्पताल की ओर जारी मेडिकल बुलेटिन में यह जानकारी दी गई कि, "उन्हें वेंटिलेटर से हटा दिया गया है और वह खुद से सांस ले रही हैं. वह होश में हैं और निर्देशों पर प्रतिक्रिया दे रही हैं. उनके दिमाग और रीढ़ की हड्डी के MRI स्कैन सामान्य हैं."निष्कर्ष: जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन में घायल छात्रा की मृत्यु हो जाने का दावा झूठा है. दिल्ली में हुए इस प्रदर्शन में किसी छात्र की मौत नहीं हुई है. (अगर आपके पास भी ऐसी कोई जानकारी आती है, जिसके सच होने पर आपको शक है, तो पड़ताल के लिए हमारे वॉट्सऐप नंबर  9540511818 या फिर मेल आइडी webqoof@thequint.com पर भेजें. सच हम आपको बताएंगे. हमारी बाकी फैक्ट चेक स्टोरीज आप यहां पढ़ सकते हैं.)RECAP: कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन से जुड़े भ्रामक दावों का सच