प्रशासन द्वारा नमाज के लिए सुझाए गए वैकल्पिक स्थलों पर मस्जिद पक्ष की असहमति को देखते हुए मंदिर पक्ष ने भी अपनी कानूनी तैयारी तेज कर दी है।