फर्ज कीजिए, सुबह नींद खुली। आपने अंगड़ाई ली और बिस्तर से उतरकर दिन की शुरुआत करने के लिए जमीन पर पैर रखा। लेकिन पहला कदम रखते ही एड़ी में सुई चुभने जैसा तेज दर्द महसूस हुआ। अगर यह दर्द लगभग हर सुबह महसूस हो रहा है या कुछ कदम चलने के बाद तलवे में खिंचाव होने लगता है, तो इसके पीछे प्लांटर फेशियाइटिस हो सकता है। इसमें पैर के तलवे में एड़ी से लेकर पंजे तक फैले टिश्यू (प्लांटर फैशिया) पर ज्यादा दबाव पड़ने से दर्द और सूजन होती है। गंभीर मामलों में इससे चलना-फिरना मुश्किल हो सकता है। पीयर-रिव्यू मेडिकल जर्नल ‘अमेरिकन फैमिली फिजिशियन’ के मुताबिक, करीब हर 10 में से 1 व्यक्ति को जीवन में कभी-न-कभी यह समस्या होती है। इसलिए आज ‘फिजिकल हेल्थ’ में प्लांटर फेशियाइटिस के बारे में बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट– डॉ. मिहिर थानवी, कंसल्टेंट, ऑर्थोपेडिक्स एंड स्पाइन, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, जयपुर सवाल- कुछ लोगों को सुबह उठने पर एड़ियों में तेज दर्द होता है? इसका क्या कारण है? जवाब- इसका सबसे कॉमन कारण ‘प्लांटर फेशियाइटिस’ है। इसमें रातभर आराम के बाद पैर के तलवे की नस पर अचानक खिंचाव पड़ने से दर्द महसूस होता है। सवाल- प्लांटर फेशियाइटिस के बारे में विस्तार से बताएं? जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- प्लांटर फेशियाइटिस क्यों होता है? जवाब- इसके पीछे कई वजहें हो सकती हैं। सभी कारण ग्राफिक में देखिए- सवाल- प्लांटर फेशियाइटिस के शुरुआती लक्षण क्या हैं? जवाब- इसकी शुरुआत अक्सर सुबह उठने के बाद एड़ी में दर्द से होती है। आमतौर पर यह दर्द पहला कदम रखते समय सबसे ज्यादा महसूस होता है। लंबे समय खड़े रहने या चलने पर भी दर्द बढ़ सकता है। सभी संकेत ग्राफिक में देखिए- सवाल- क्या ऐसा भी हो सकता है कि किसी को प्लांटर फेशियाइटिस हो और उसके कोई लक्षण न दिखें? जवाब- हां, कुछ लोगों में प्लांटर फैशिया में बदलाव होने के बावजूद शुरुआत में दर्द या कोई स्पष्ट लक्षण महसूस नहीं होते। कई बार समस्या बढ़ने पर ही इसके लक्षण सामने आते हैं। सवाल- किन लक्षणों में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए? जवाब- इन स्थितियों में डॉक्टर से संपर्क करें- सवाल- एड़ी के सामान्य दर्द और प्लांटर फेशियाइटिस में क्या अंतर है? जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए- सामान्य दर्द प्लांटर फेशियाइटिस सवाल- प्लांटर फेशियाइटिस का रिस्क किन्हें ज्यादा होता है? जवाब- कुछ लोगों में इसका जोखिम दूसरों की तुलना में ज्यादा होता है। ग्राफिक में देखिए- सवाल- हमारी कौन-सी आदतें प्लांटर फेशियाइटिस का रिस्क बढ़ाती हैं? जवाब- रोजमर्रा की कुछ आदतें पैरों पर जरूरत से ज्यादा दबाव डालती हैं। इससे प्लांटर फेशियाइटिस का रिस्क बढ़ता है- सवाल- प्लांटर फेशियाइटिस में क्या सावधानियां बरतनी चाहिए? जवाब- दर्द और पैरों पर पड़ने वाले दबाव को कम करने के लिए रोजमर्रा की जिंदगी में कुछ सावधानियां बरतना जरूरी है। इसे ग्राफिक में देखिए- सवाल- प्लांटर फेशियाइटिस से बचने के लिए किन बातों का ध्यान रखें? जवाब- इससे बचाव पैरों पर पड़ने वाले अनावश्यक दबाव को कम करने और उनकी देखभाल करने पर निर्भर करता है। ग्राफिक में प्लांटर फेशियाइटिस से बचने के उपाय देखिए- सवाल- प्लांटर फेशियाइटिस का इलाज क्या है? जवाब- इलाज का उद्देश्य दर्द कम करना, सूजन कम करना और प्लांटर फैशिया पर पड़ने वाले दबाव को कम करना होता है। इसके लिए डॉक्टर आमतौर पर- सवाल- प्लांटर फेशियाइटिस में कौन सी एक्सरसाइज फायदेमंद हैं? जवाब- प्लांटर फैशिया और पिंडली की मांसपेशियों को स्ट्रेच करने वाली कुछ एक्सरसाइज इसमें फायदेमंद हो सकती हैं, जैसेकि- काफ स्ट्रेच टॉवल स्ट्रेच टो स्ट्रेच प्लांटर फैशिया स्ट्रेच टेनिस बॉल से फुट रोल वॉटर बॉटल रोल प्लांटर फेशियाइटिस से जुड़े कॉमन सवाल-जवाब सवाल- प्लांटर फेशियाइटिस ठीक होने में कितना समय लगता है? जवाब- ज्यादातर लोगों में कुछ महीनों में धीरे-धीरे सुधार होता है। कुछ मामलों में ज्यादा समय लग सकता है। सवाल- क्या ठीक होने के बाद यह दोबारा हो सकता है? जवाब- हां, अगर पैरों पर ज्यादा दबाव पड़े या जोखिम बढ़ाने वाली आदतें जारी रहती हैं तो यह दोबारा हो सकता है। सवाल- क्या सिर्फ आराम करने से यह ठीक हो जाता है? जवाब- केवल आराम पर्याप्त नहीं होता। स्ट्रेचिंग, सही फुटवियर और जरूरत के अनुसार अन्य ट्रीटमेंट की जरूरत पड़ती है। सवाल- क्या इस बीमारी में लोग चल या दौड़ नहीं पाते? जवाब- ऐसा जरूरी नहीं है। हालांकि दर्द के कारण चलने-दौड़ने में परेशानी हो सकती है। सवाल- क्या पैर की मालिश से राहत मिल सकती है? जवाब- हां, हल्की मालिश से कुछ लोगों को दर्द और तलवे के खिंचाव में अस्थायी राहत मिल सकती है। ******************* ग्राफिक्स- विपुल शर्मा ………………. ये खबर भी पढ़ें फिजिकल हेल्थ- हीमोग्लोबिन क्या है: शरीर के हर कोने तक पहुंचाता ऑक्सीजन, डॉक्टर से जानें कमी के संकेत, लेवल बढ़ाने के लिए ये खाएं हीमोग्लोबिन का मुख्य काम फेफड़ों से ऑक्सीजन को लेकर उसे शरीर के सभी अंगों और कोशिकाओं तक पहुंचाना है। हीमोग्लोबिन का लेवल यह बताता है कि शरीर में ऑक्सीजन पहुंचाने की क्षमता कितनी अच्छी है। पूरी खबर पढ़िए…