आजकल राजनीति में एक तरफा नैरेटिव बनाने की कोशिश हो रही है। जहां BJP जीतती है, वहां हेराफेरी का आरोप लगाया जाता है और जहां विपक्षी दल जीतते हैं, वहां उसे जनसमर्थन का प्रमाण बताया जाता है। सवाल ये है कि ये बात जनता के गले कैसे उतरेगी?