भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के महानिदेशक शत्रुजीत सिंह कपूर ने 22 अक्टूबर, 2026 को एक बयान दिया था कि, "अरुणाचल प्रदेश में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के साथ कई जगहों पर चीनी सैनिकों के साथ टकराव जारी है."दावा: सोशल मीडिया पर एक वीडियो हाल ही का बताकर शेयर किया जा रहा है जिसमें कथित तौर पर भारतीय और चीनी सेना को आपस में टकराव की स्थिति में देखा जा सकता है. इस पोस्ट का आर्काइव यहां देखें(ऐसे ही दावा करने वाले अन्य पोस्ट का आर्काइव आप यहां और यहां देख सकते हैं. )क्या यह दावा सही है ? नहीं, यह दावा सही नहीं है.यह वीडियो हालिया नहीं है बल्कि 2022 से इंटरनेट पर मौजूद है. मीडिया में छपी रिपोर्ट्स के मुताबिक यह वीडियो जून 2020 में भारतीय सेना और चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के बीच गलवान में हुई झड़प का है. हमने सच का पता कैसे लगाया ? हमने वायरल वीडियो पर गूगल लेंस की मदद से इमेज सर्च ऑप्शन का इस्तेमाल किया. हमारी सर्च में हमें Hindustan Times की 14 दिसंबर 2022 की यह न्यूज रिपोर्ट मिली जिसमें लिखा था, "अरुणाचल में हुई झड़प के कुछ दिनों बाद, भारत-चीन के सैनिकों के बीच लड़ाई का पुराना वीडियो वायरल हो गया है."इस रिपोर्ट को यहां पढ़ा जा सकता है. इसके सिवा हमारी सर्च में हमें अंतरराष्ट्रीय न्यूज संगठन CNN के यूट्यूब चैनल पर भी यह वीडियो मिला जिसे 16 दिसंबर 2022 को अपलोड किया गया था. इस वीडियो के टाइटल में लिखा था, "2021 का एक वीडियो ऑनलाइन सामने आया है, जिसमें भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हिमालय की विवादित सीमा पर हुई एक हिंसक झड़प दिखाई दे रही है. इस घटना के बारे में पहले कोई जानकारी नहीं थी. यह वीडियो इन दो एशियाई ताकतों के बीच लंबे समय से चले आ रहे क्षेत्रीय तनाव की एक दुर्लभ झलक पेश करता है."LiveMint की 14 दिसंबर 2022 को की गई इस रिपोर्ट में भी इस वीडियो को 2021 का बताया गया था. इस रिपोर्ट में वायरल वीडियो के बारे में लिखा था, "माना जा रहा है कि यह वीडियो पिछले साल (2021) में शूट किया गया था, जिसमें भारतीय सैनिकों को PLA के सैनिकों को LAC की यथास्थिति बदलने से रोकते हुए देखा जा सकता है और चीनी सैनिकों की पिटाई करते हुए भी देखा जा सकता है जो स्पष्ट रूप से LAC पार करने की कोशिश कर रहे थे." भारत सरकार का जवाब: भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने 23 अक्टूबर 2026 को भारत-चीन के संबंधों पर किए गए सवाल का जवाब देते हुए बताया कि, "जैसा कि हमने पहले भी बताया है, जब चीनी सैनिक पहले से तय गश्त के तरीकों से हटकर काम करते हैं, तो भारत-चीन सीमावर्ती इलाकों में समय-समय पर हालात बिगड़ जाते हैं."रणधीर जयसवाल, आधिकारिक प्रवक्ता, MEA"दोनों पक्ष 'लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल' (LAC) पर मौजूद मुद्दों को सुलझाने और किसी भी तरह की गलतफहमी या गलत आकलन से बचने के लिए, अपने मौजूदा राजनयिक और सैन्य तंत्र का इस्तेमाल करते रहते हैं. दोनों पक्ष इस बात पर भी सहमत हुए हैं कि सीमा प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए, कुछ खास इलाकों में LAC को लेकर अपनी समझ को कैसे बेहतर किया जाए, इस पर चर्चा की जाएगी."उन्होंने आगे बताया कि, "मैं इस बात पर भी जोर देना चाहूंगा कि सीमावर्ती इलाकों में शांति और स्थिरता बनाए रखना, दोनों देशों के आपसी संबंधों के समग्र विकास के लिए बहुत जरूरी है."निष्कर्ष: भारत-चीन के सैनिकों के बीच हुए टकराव के 2021 के वीडियो को हालिया बताकर भ्रामक दावों के साथ शेयर किया जा रहा है. (अगर आपके पास भी ऐसी कोई जानकारी आती है, जिसके सच होने पर आपको शक है, तो पड़ताल के लिए हमारे वॉट्सऐप नंबर 9540511818 या फिर आईडी webqoof@thequint.com पर भेजें. सच हम आपको बताएंगे. हमारी बाकी फैक्ट चेक स्टोरीज आप यहां पढ़ सकते हैं.)सुप्रीम कोर्ट ने रिटायरमेंट की उम्र दो साल बढ़ाने पर सहमति नहीं जताई है