अगले दो से तीन वर्षों में 600 से अधिक बैंकिंग केंद्रों का नेटवर्क विकसित किया जाएगा। इससे बस्तर, सरगुजा सहित दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों के लोगों को बैंकिंग सेवाओं के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी।