आगामी शीतकालीन सत्र से विधानसभा में पेपरलेस प्रणाली लागू होगी। विधायकों को प्रश्नों के उत्तर और सदन में चर्चा के लिए जरूरी संदर्भ ऑनलाइन उपलब्ध कराए जाएंगे।