छात्र-छात्राओं को एक साल तक एआई, कोडिंग, रोबोटिक्स और मशीन लर्निंग का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे ग्रामीण अंचलों के बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित हो सके।