पाकिस्तान बनने के बाद से ही अमेरिका और सऊदी का क़रीबी सहयोगी रहा है. इसके बावजूद ईरान पाकिस्तान की मध्यस्थता को स्वीकार कर रहा है और सार्वजनिक रूप से कोई अविश्वास भी नहीं है.