दिल्ली में दिलजीत के कॉन्सर्ट को लेकर शिकायत:'सिल्वर बुलेट बेल्ट', नशे वाले सॉन्ग न गाने, बच्चों को स्टेज पर बुलाने पर रोक की मांग

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पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ के 30 अक्टूबर को दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू (JLN) स्टेडियम में होने वाले लाइव कॉन्सर्ट से पहले ही कंट्रोवर्सी हो गई है। चंडीगढ़ निवासी डॉ. पंडितराव धरेनावर ने दिल्ली पुलिस के डीसीपी (साउथ-ईस्ट) को लेटर लिखा लिखा है। साथ ही कॉन्सर्ट के दौरान 3 तरह की गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग की है। इनमें शराब और नशे से जुड़े गाने, बच्चों को मंच पर बुलाना और छाती पर सिल्वर बुलेट बेल्ट या नकली कारतूस पहनना शामिल है। लेटर में इन 3 मुद्दों को उठाया है - 1. नशे से जुड़े गानों पर रोक: पंडित राव ने 'पटियाला पैग', '5 तारा ठेके' और 'जीब विचों फीम लब्बीया' जैसे गानों को गाने पर रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने यह भी कहा कि इन गानों के शब्द बदलकर गाने की अनुमति भी नहीं दी जानी चाहिए। 2. बच्चों को मंच पर न बुलाएं: शिकायत में कॉन्सर्ट के दौरान बच्चों को स्टेज पर आमंत्रित करने पर रोक लगाने की मांग की गई है। शिकायतकर्ता ने तेज आवाज और फ्लैशिंग लाइट्स को बच्चों के स्वास्थ्य के लिए संभावित रूप से हानिकारक बताया है। 3. बुलेट बेल्ट पहनने पर प्रतिबंध: कॉन्सर्ट के दौरान छाती पर सिल्वर बुलेट बेल्ट यानी नकली कारतूसों की पट्टी पहनने पर भी रोक लगाने की मांग की गई है। शिकायतकर्ता के अनुसार, गन जेस्चर और इस तरह की वस्तुएं हिंसा को बढ़ावा देने का संदेश दे सकती हैं। हाईकोर्ट के आदेश का दिया हवाला डॉ. पंडितराव धरेनावर ने अपनी शिकायत में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के 2019 के आदेश का हवाला दिया है। उन्होंने शराब, नशीले पदार्थों और हिंसा को बढ़ावा देने वाले गीतों पर रोक लगाने की बात कही है। शिकायत में नशा मुक्त भारत अभियान का भी उल्लेख किया गया है। बच्चों की सुरक्षा को लेकर शिकायतकर्ता ने 120 डेसिबल से अधिक तेज आवाज और 5 से 30 हर्ट्ज की फ्लैशिंग लाइट्स का जिक्र किया है। उनका कहना है कि कॉन्सर्ट में इस तरह के प्रभाव बच्चों के स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह हो सकते हैं। फिलहाल, शिकायतकर्ता ने दिल्ली पुलिस से इन मांगों पर कार्रवाई करने की अपील की है। शिकायत पर पुलिस की ओर से क्या कार्रवाई की गई है, इसकी पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती।