एमपी बोर्ड की दसवीं कक्षा की परीक्षा में सभी विषयों में डिस्टिंक्शन (75% से अधिक अंक) हासिल करने वाली छात्रा को अंग्रेजी में केवल 39 अंक देने के मामले में हाई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है।