NDMC की विकास परियोजनाओं का थर्ड पार्टी ऑडिट अनिवार्य:गुणवत्ता पर रहेगी नजर, IIT समेत राष्ट्रीय संस्थानों की ली जाएगी मदद

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नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) ने विकास परियोजनाओं की गुणवत्ता और समय सीमा की निगरानी के लिए स्वतंत्र गुणवत्ता नियंत्रण एवं तकनीकी ऑडिट प्रभाग गठित किया है। अब निर्माण और अन्य विकास कार्यों का थर्ड पार्टी ऑडिट अनिवार्य होगा। नया प्रभाग परियोजनाओं में निर्धारित मानकों के पालन और कार्यों की गुणवत्ता की जांच करेगा। एनडीएमसी अध्यक्ष मनोज कुमार ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था के तहत सड़क, भवन निर्माण, सीवर, जलापूर्ति, बिजली और सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़ी परियोजनाओं की स्वतंत्र निगरानी होगी। इससे निर्माण कार्यों में खामियों की समय रहते पहचान कर उन्हें दूर किया जा सकेगा। गुणवत्ता से समझौता नहीं, समय पर पूरे होंगे काम एनडीएमसी के मुताबिक, स्वतंत्र ऑडिट व्यवस्था से विकास कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी। परियोजनाओं की नियमित समीक्षा के साथ निर्धारित समयसीमा का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। परिषद ने स्पष्ट किया है कि काम की गुणवत्ता और तकनीकी मानकों से कोई समझौता नहीं होगा। IIT समेत इन संस्थानों से कराई जाएगी गुणवत्ता जांच एनडीएमसी परियोजनाओं के तकनीकी परीक्षण और गुणवत्ता ऑडिट के लिए प्रतिष्ठित संस्थानों की मदद लेगी। इनमें केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (CBRI), केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (CRRI), वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR), भारतीय गुणवत्ता परिषद (QCI), भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT), राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) और राइट्स (RITES) शामिल हैं।