कब्ज हो, पेट साफ न हो रहा हो या पाचन बिगड़ा हुआ महसूस हो, ऐसे में भारतीय घरों में अक्सर एक ही नाम सबसे पहले लिया जाता है- इसबगोल। पश्चिमी एशिया में उत्पन्न होने वाला यह पौधा सदियों पहले भारत पहुंचा था और आज भारत दुनिया में इसबगोल का सबसे बड़ा उत्पादक और निर्यातक देश है। वजन घटाने वाली दवा ओजेम्पिक (Ozempic) और अन्य GLP-1 दवाओं की बढ़ती लोकप्रियता के बीच सोशल मीडिया पर इसबगोल को ‘नेचर का ओजेम्पिक’ तक कहा जाने लगा है। दावा है कि यह भूख नियंत्रित करने और वजन कम करने में मदद करता है। 2023 में ‘नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन’ में पब्लिश एक रिव्यू के मुताबिक, 5 महीने तक भोजन से पहले औसतन 10.8 ग्राम इसबगोल लेने से वजन घटाने में मदद मिल सकती है। इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में इसबगोल के हेल्थ बेनिफिट्स की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट: डॉ. अनु अग्रवाल, सीनियर क्लीनिकल डाइटीशियन, फाउंडर- ‘वनडाइटटुडे’ सवाल- इसबगोल (साइलम हस्क) क्या है? जवाब- पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- इसबगोल की न्यूट्रिशनल वैल्यू क्या है? जवाब- इसबगोल की सबसे बड़ी खासियत इसका फाइबर कंटेंट है। इसमें अधिकांश हिस्सा डाइटरी फाइबर का होता है। यही वजह है कि इसे पाचन और गट हेल्थ के लिए फायदेमंद माना जाता है। ग्राफिक में इसकी न्यूट्रिशनल वैल्यू देखिए- सवाल- इसबगोल में कौन सा फाइबर होता है? जवाब- इसके जवाब से पहले ये समझना होगा कि फाइबर कितने प्रकार के होते हैं। दरअसल, फाइबर मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं- इनसॉल्यूबल फाइबर आंतों की मूवमेंट को सपोर्ट करता है और बॉवेल को नियमित रखने में मदद करता है। वहीं सॉल्यूबल फाइबर पानी सोखकर जेल जैसा बन जाता है। इससे स्टूल मुलायम हो जाता है और उसे आसानी से पास करने में मदद मिलती है। इसबगोल सॉल्यूबल फाइबर का एक बेहतरीन सोर्स है। यही वजह है कि पानी में मिलते ही यह फूल जाता है और कब्ज से राहत दिलाने में मदद करता है। सवाल- इसबगोल शरीर में क्या काम करता है? जवाब- हम जो खाना खाते हैं, वह पेट और लगभग 20 फीट लंबी छोटी आंत से गुजरते हुए बड़ी आंत में पहुंचता है। इस दौरान शरीर जरूरी पोषक तत्व और पानी सोख लेता है। आखिर में जो बचता है, वही स्टूल बनता है। इसबगोल में मौजूद सॉल्यूबल फाइबर पानी को अपने साथ बांधकर रखता है। इससे स्टूल में नमी बनी रहती है। वह मुलायम रहता है और आंतों से आसानी से आगे बढ़ पाता है। सवाल- इसबगोल के हेल्थ बेनिफिट्स क्या हैं? जवाब- इसबगोल एक प्रीबायोटिक फाइबर की तरह भी काम करता है। यानी यह आंतों में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया को पोषण देता है, जिससे गट हेल्थ बेहतर हो सकती है। ग्राफिक में इसके सभी फायदे देखिए- सवाल- इसबगोल कब्ज में कैसे मदद करता है? जवाब- कब्ज को ऐसे समझिए जैसे किसी नाली में सूखी गंदगी जमा हो गई हो। जब तक उसमें पर्याप्त पानी नहीं पहुंचता, वह आसानी से बह नहीं पाती। लेकिन पानी मिलने पर वही गंदगी नरम पड़ जाती है और उसका निकलना आसान हो जाता है। कुछ ऐसा ही कब्ज में होता है। जब स्टूल बहुत सूखा और सख्त हो जाता है तो उसे बाहर निकलने में दिक्कत होती है। इसबगोल स्टूल में नमी बनाए रखने में मदद करता है, जिससे वह मुलायम रहता है और आंतों से आसानी से गुजर पाता है। इसी वजह से यह कब्ज से राहत दिलाने में मददगार माना जाता है। सवाल- किन हेल्थ प्रॉब्लम्स में इसबगोल लेना फायदेमंद हो सकता है? जवाब- इसमें मौजूद सॉल्यूबल फाइबर कई समस्याओं में फायदेमंद है। हालांकि इसे इलाज का विकल्प नहीं मानना चाहिए। ग्राफिक में सभी स्थितियां देखिए- सवाल- क्या ये हेल्थ प्रॉब्लम होने पर ही इसबगोल लेना चाहिए? जवाब- नहीं, इसबगोल कोई दवा नहीं है। यह एक नेचुरल फाइबर है। इसे स्वस्थ लोग भी अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। सवाल- इसबगोल कोलेस्ट्रॉल कम करने में कैसे मदद करता है? जवाब- पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- क्या इसबगोल हार्ट हेल्थ के लिए भी उपयोगी है? जवाब- हां, इसबगोल हार्ट हेल्थ के लिए फायदेमंद होता है। इसे ऐसे समझिए- सवाल- इसबगोल ब्लड शुगर कम करने में कैसे मदद करता है? जवाब- पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- क्या इसबगोल वजन घटाने में भी मददगार है? जवाब- हां, इसबगोल वेट मैनेजमेंट में मददगार हो सकता है, लेकिन यह सीधे वजन नहीं घटाता। इसमें मौजूद सॉल्यूबल फाइबर पानी सोखकर फूल जाता है, जिससे पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस हो सकता है। इससे बार-बार भूख लगने और ज्यादा खाने की संभावना कम होती है। सवाल- इसबगोल लेने का सही तरीका क्या है? जवाब- आमतौर पर 1–2 चम्मच (लगभग 5–10 ग्राम) इसबगोल को एक गिलास पानी में मिलाकर तुरंत पीने की सलाह दी जाती है। इसके बाद एक और गिलास पानी पीना भी फायदेमंद होता है। इसे सुबह खाली पेट या रात में सोने से पहले लिया जा सकता है। सवाल- लोग इसबगोल लेने में क्या कॉमन गलती करते हैं? जवाब- इसबगोल लेने में लोगों की सबसे कॉमन गलती पर्याप्त पानी न पीना है। कई लोग इसबगोल तो ले लेते हैं, लेकिन उसके साथ दिनभर पर्याप्त पानी नहीं पीते। चूंकि इसबगोल पानी सोखता है, इसलिए पानी की कमी होने पर इसका फायदा कम हो सकता है। सवाल- क्या इसबगोल के साथ पानी न पीने या कम पीने पर कोई साइड इफेक्ट्स भी हो सकते हैं? जवाब- हां। इसबगोल के साथ अगर पर्याप्त पानी न लिया जाए तो कब्ज में राहत मिलने के बजाय समस्या बढ़ भी सकती है। ग्राफिक में सभी साइड इफेक्ट्स देखिए- सवाल- किन लोगों को इसबगोल नहीं लेना चाहिए? जवाब- इसबगोल एक फाइबर सप्लीमेंट है। इसी वजह से यह कुछ दवाओं के अवशोषण को प्रभावित कर सकता है। इसलिए जो लोग थायरॉइड, डायबिटीज, हार्ट डिजीज या अन्य किसी बीमारी की नियमित दवाएं लेते हैं, उन्हें इसबगोल शुरू करने से पहले डॉक्टर या डाइटीशियन से सलाह लेनी चाहिए। इसबगोल से जुड़े कुछ कॉमन सवाल जवाब सवाल- क्या फाइबर सप्लीमेंट भोजन की जगह ले सकता है? जवाब- नहीं, फाइबर सप्लीमेंट भोजन का विकल्प नहीं हो सकता। फाइबर सप्लीमेंट डाइट का पूरक है, न कि भोजन का विकल्प। सवाल- क्या जिम जाने वाले भी इसबगोल ले सकते हैं? जवाब- हां, जिम जाने वाले लोग भी इसबगोल ले सकते हैं। सवाल- क्या बच्चों को इसबगोल देना सुरक्षित है? जवाब- बच्चों को बिना डॉक्टर की सलाह के नहीं देना चाहिए। सवाल- क्या इसबगोल खाने से भूख कम लगती है? जवाब- हां, इसबगोल पानी सोखकर फूल जाता है और पेट में ज्यादा जगह घेरता है। इससे भूख कम लगती है। सवाल- क्या इसबगोल रोज ले सकते हैं? जवाब- हां, आमतौर पर इसे रोज लिया जा सकता है। सवाल- इसबगोल पाउडर, भूसी और कैप्सूल में कौन-सा रूप बेहतर है? जवाब- ज्यादातर लोगों के लिए पाउडर या भूसी बेहतर मानी जाती है क्योंकि इससे पर्याप्त मात्रा में फाइबर आसानी से मिल जाता है। सवाल- क्या फ्लेवर्ड और सादे साइलियम हस्क में कोई फर्क है? जवाब- फ्लेवर्ड प्रोडक्ट्स में चीनी, स्वीटनर, फ्लेवर या अन्य एडिटिव्स मिलाए जाते हैं। इसलिए सादा इसबगोल ही लें। सवाल- साइलियम हस्क खरीदते समय पैकेट पर कौन-सी जानकारी जरूर देखें? जवाब- पॉइंटर्स में देखिए- सवाल- साइलियम हस्क को घर में कैसे स्टोर करें? जवाब- पॉइंटर्स में देखिए- ………………….. ग्राफिक- महेंद्र वर्मा ………………… यह खबर भी पढ़ें… जरूरत की खबर- एवाकाडो के 12 हेल्थ बेनिफिट्स:हेल्दी फैट-फाइबर से भरपूर, जानें खाने का सही तरीका, खरीदते समय ध्यान रखें 6 बातें फल की बात हो तो ज्यादातर लोगों के दिमाग में सेब, केला, संतरा जैसे नाम आते हैं। लेकिन आजकल फिटनेस की दुनिया में एक फल खूब पसंद किया जा रहा है, जिसमें फैट की मात्रा दूसरे फलों के मुकाबले काफी ज्यादा है। नाम है एवाकाडो। पूरी खबर पढ़ें…