मालवा-निमाड़ की धरती अब विकास की नई इबारत लिखने की तैयारी में है। कभी खेती-किसानी और पारंपरिक कारोबार के लिए पहचाने जाने वाले इस अंचल में अब उद्योगों का विस्तार हो रहा है।