स्वामी रामदेव ने यह प्रेस कॉन्फेंस ऐतिहासिक ग्रंथों एवं तथ्यों पर आधारित ज्ञान तथा विविध मतों और आस्थाओं के बीच चल रहे विचारों के मतभेदों की पृष्ठभूमि में की।