दीपावली का पावन पर्व केवल भगवान राम के 14 वर्ष के वनवास के बाद अयोध्या लौटने की खुशी तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत की विविध आध्यात्मिक और ऐतिहासिक धाराओं का अद्भुत संगम है।