कर्नाटक में SIR के बाद अंतिम वोटर लिस्ट से 99.32 लाख नाम हटाए गए, जिससे मतदाताओं की संख्या करीब 18% घट गई। कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं, जबकि आयोग ने प्रक्रिया का बचाव करते हुए नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6 का विकल्प सुझाया है।