सीआईएसएफ ने रघुराजनगर के एसडीओ और तहसीलदार से प्रमाणपत्र का सत्यापन कराया। जांच में प्रमाणपत्र फर्जी पाया गया। इसके बाद 10 अगस्त 2026 को श्रीहरिकोटा थाने में शिकायत दर्ज कराई गई।