कोर्ट ने कहा कि केवल 1975 के पुराने विक्रय पत्र के आधार पर मालिकाना हक नहीं मिल सकता, जब तक कि वास्तविक कब्जा और वैध उत्तराधिकारी होने का ठोस प्रमाण न हो।