प्रदेश के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) में डॉक्टरों की कमी का हल नहीं निकलने के कारण सरकार अब स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निजी क्षेत्र की मदद लेने जा रही है।