छत्तीसगढ़ सरकार 2030 तक हरित ऊर्जा क्षमता 3,000 से 15,000 मेगावाट करेगी। CM साय ने 5.60 लाख करोड़ के निवेश का न्योता दिया, जिसमें सौर, बायोगैस और ग्रीन हाइड्रोजन शामिल हैं।