दिल्ली के बाहरी इलाकों में होने चाहिए धरना-प्रदर्शन- कैट:कहा- विरोध के अधिकार से व्यापार और आम जनजीवन प्रभावित न हो

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राजधानी में बार-बार होने वाले धरना-प्रदर्शनों और राजनीतिक रैलियों से व्यापार प्रभावित होने का मुद्दा उठाते हुए कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ने दिल्ली के बाहरी इलाकों में प्रदर्शन के लिए अलग स्थान निर्धारित करने की मांग की है। संगठन ने 2 नवंबर को उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू को पत्र लिखकर कहा कि विरोध-प्रदर्शन के कारण बाजार, यातायात और लोगों की रोजी-रोटी प्रभावित नहीं होनी चाहिए। कैट के अध्यक्ष बीसी भरतिया ने पत्र में कहा कि शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन इसकी आड़ में शहर को ठप करना उचित नहीं है। प्रदर्शन के अधिकार के साथ लोगों के कारोबार और आजीविका के अधिकार का भी सम्मान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि दिल्ली देश का प्रमुख व्यापारिक और वितरण केंद्र है। यहां बार-बार होने वाले प्रदर्शन से दुकानदारों, रेहड़ी-पटरी वालों, दिहाड़ी मजदूरों, ट्रांसपोर्टरों, ऑटो चालकों और डिलीवरी कर्मचारियों की कमाई प्रभावित होती है। इसका असर हॉस्पिटैलिटी सहित अन्य क्षेत्रों पर भी पड़ता है। ट्रैफिक पुलिस और MCD में बेहतर तालमेल की मांग कैट ने सुझाव दिया कि प्रदर्शन के लिए ऐसे स्थान तय किए जाएं, जहां लोगों को शांतिपूर्ण विरोध का अवसर मिले और बाजारों व यातायात पर असर न पड़े। साथ ही प्रदर्शन के दौरान दिल्ली ट्रैफिक पुलिस, एमसीडी और अन्य विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम लोगों और व्यापारियों को परेशानी न उठानी पड़े।