न्यायमूर्ति दीपक खोत की एकलपीठ ने विश्वविद्यालय के वर्ष 2016 के निर्णय को मनमाना मानते हुए कहा कि यदि कोई अन्य विधिक बाधा नहीं है तो मेरिट सूची के आधार पर चयनित अभ्यर्थियों को तीन माह के भीतर नियुक्ति पत्र जारी किए जाएं।