परिजनों ने बताया कि बोरवेल से शव निकालने के दौरान सांस लेने में परेशानी और गैस जैसी स्थिति महसूस होने की बात कही गई। ऐसे में बोरवेल की तकनीकी जांच कर यह पता लगाया जाना जरूरी है कि मौत का वास्तविक कारण क्या था।