खाई जाने वाली ब्रेड में मिला दें पालक, स्टडी में दिखा चौंकाने वाला असर

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नाश्ते में ब्रेड लगभग हर घर की रसोई का हिस्सा हैवन चुका है, लेकिन क्या इसमें थोड़ा सा बदलाव करके इसे ज्यादा पौष्टिक बनाया जा सकता है? फ्यूचर फूड जर्नल में 2026 में छपी एक स्टडी ने ठीक यही सवाल खोजने की कोशिश की. रिसर्चर्स ने 20 प्रतिशत पालक मिलाकर बनाई गई ब्रेड को सफेद ब्रेड से 15 सेहतमंद अडल्ट पर टेस्ट करके कंपेयर किया है. मकसद सीधा था, लोगों की खाने की आदतें पूरी तरह बदलने की बजाय, जो चीजें वह पहले से खाते हैं उन्हीं को थोड़ा बेहतर बनाया दिया जाए. नतीजे हैरान कर रहे हैं, लेकिन इन्हें खास ध्यान से समझने की जरूरत है.पोषक तत्वों में आया बड़ा उछालपालक मिलाकर बनाई गई ब्रेड के पोषण प्रोफाइल में साफ सुधार देखा गया है. सामान्य सफेद ब्रेड के मुकाबले इसमें विटामिन A 7.7 गुना, पोटैशियम 2.1 गुना, आयरन 1.9 गुना, कैल्शियम 1.8 गुना और मैग्नीशियम 1.6 गुना ज्यादा देखा गया है.  फोलेट में 58 प्रतिशत और फाइबर में करीब 28 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज हुई. इसके अलावा इस ब्रेड में प्रति 100 ग्राम 60.6 मिलीग्राम टोटल पॉलीफेनॉल्स भी मौजूद थे. प्रोटीन करीब 8 प्रतिशत ज्यादा था, जबकि स्टार्च की मात्रा करीब 5 प्रतिशत कम पाई गई है. खास बात यह रही कि दोनों ब्रेड की कैलोरी लगभग बराबर थी.यह भी पढ़ें:पैनक्रिएटिक कैंसर के मरीजों को राहत, इलाज के लिए नई दवा को मंजूरीब्लड शुगर पर असर नहीं दिखाहालांकि इस स्टडी ने यह साबित नहीं किया  है कि पालक वाली ब्रेड ब्लड शुगर को सीधे कम कर देती है. सामान्य ब्रेड के मुकाबले पालक ब्रेड खाने के बाद ग्लूकोज और इंसुलिन एक्सपोजर में कोई बड़ा अंतर नहीं पाया गया है. और पीक ग्लूकोज लेवल भी दोनों में लगभग एक जैसा देखा गया है. फर्क सिर्फ इतना था कि पालक ब्रेड खाने के बाद इंसुलिन पीक करीब 30 मिनट देरी से आया. यह स्टडी यह साबित नहीं करती है कि पालक ब्रेड डायबिटीज को रोकती है या ब्लड शुगर को कंट्रोल करती है.भूख पर दिखा दिलचस्प असरडॉक्टर के मुताबिक ग्लूकोज और इंसुलिन रिस्पॉन्स कई चीजों पर निर्भर करता है, जैसे डाइट, फिज़िकल एक्टिविटी, नींद, तनाव, शरीर का वजन और मौजूदा सेहत भी. स्टडी में एक और दिलचस्प बात सामने आई है. खाने के तीन घंटे बाद सफेद ब्रेड खाने वालों में भूख का स्कोर बढ़ जाता है. लेकिन पालक ब्रेड खाने के बाद ऐसा नहीं देखा गया. हालांकि इसका मतलब यह नहीं कि पालक ब्रेड अपने आप कम खाने पर मजबूर कर सकती है, क्योंकि यह स्टडी सिर्फ 15 सेहतमंद नजवानों पर की गई थी.असली सवाल सिर्फ पालक ब्रेड तक सीमित नहींडॉक्टर के मुताबिक यह स्टडी पोषण को लेकर सोचने का एक अलग नजरिया देती है. उनके मुताबिक सिर्फ कैलोरी कम करना ही मकसद नहीं होना चाहिए, बल्कि रोज के खाने की नूट्रिशन क्वालिटी सुधारने पर भी ध्यान होना चाहिए. भारत में जहां सब्ज़ियां अक्सर अलग डिश के तौर पर खाई जाती हैं और हर मील में शामिल नहीं हो पातीं, वहां ब्रेड, रोटी या स्नैक्स जैसी पहले से खाई जाने वाली चीजें में सब्जियां मिलाना सब्जियों की खपत बढ़ाने का एक तरीका बन सकता है. हालांकि यह पूरी सब्जी खाने की जगह नहीं ले सकता, बल्कि उसे पूरक बना सकता है.हेल्दी इंग्रीडिएंट पूरी डाइट को ठीक नहीं कर सकतापालक ब्रेड को सुपरफूड कहना गलत होगा. यह स्टडी सिर्फ तुरंत होने वाले असर को देखने के लिए काफी थी, और इसमें शामिल लोग पहले से सेहतमंद अडल्ट थे. यह नहीं बताती कि लंबे समय तक पालक ब्रेड खाने से डायबिटीज़, मोटापा या दिल की बीमारी का खतरा कम होगा या नहीं. रिसर्चर्स ने खुद कहा है कि मेटाबॉलिक बीमारियों से परीशान लोगों पर आगे और रिसर्च की जरूरत है. डायबिटीज, प्री डायबिटीज या मोटापे से परीशान लोगों के लिए मील क्वालिटी, पोर्शन साइज, एक्टिविटी, नींद और पूरा डाइट पैटर्न, ये सभी चीजें मिलकर ही मायने रखती हैं.Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लेंयह भी पढ़ें: PCSK9 कोलेस्ट्रॉल की आम दवाओं से कैसे अलग, जानें किस तरह करती है काम?