नेपाल-तिब्बत सीमा से करीब 45 किमी दूर है नुवाकोट और इसके बाद गल्छी बाजार। कभी यह इलाका पयर्टन का एक अहम केंद्र था। जलप्रलय ने यहां की तस्वीर पूरी तरह बदल दी है।